एआई से बदलेगी बाल चिकित्सा नर्सिंग की दिशा: राष्ट्रीय सम्मेलन में विद्यार्थियों को मिला आधुनिक ज्ञान

बैकुंठपुर। राजवाड़े इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, बैकुंठपुर के बी.एस.सी. नर्सिंग तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने 20 जनवरी 2026 को आयोजित चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता की। यह सम्मेलन गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, बिलासपुर द्वारा सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से नर्सिंग शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य विषय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और बाल चिकित्सा नर्सिंग रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में एआई किस प्रकार बाल चिकित्सा नर्सिंग देखभाल को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है। रायपुर एम्स (AIIMS) में कार्यरत प्रोफेसरों एवं अन्य वरिष्ठ शिक्षाविदों ने विस्तार से समझाया कि एआई तकनीक के माध्यम से बच्चों की स्वास्थ्य निगरानी, रोगों की शीघ्र पहचान, उपचार की सटीक योजना तथा नर्सिंग के कार्यभार को कैसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है। सम्मेलन में यह भी बताया गया कि बाल चिकित्सा नर्सिंग में एआई को अपनाते समय नैतिक, कानूनी और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। विशेषज्ञों ने छात्रों को एआई के जिम्मेदार उपयोग, डेटा सुरक्षा, गोपनीयता तथा मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखने के महत्व से अवगत कराया। भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आने वाले समय में एआई बाल चिकित्सा नर्सिंग देखभाल को और अधिक उन्नत, सुलभ एवं प्रभावी बनाएगी। इसके माध्यम से बच्चों के वृद्धि और विकास की निरंतर निगरानी संभव होगी, जिससे समय पर आवश्यक हस्तक्षेप किया जा सकेगा। राजवाड़े इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने इस राष्ट्रीय मंच से प्राप्त ज्ञान को अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक जीवन में उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं!

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